हमारे लोकगीत: आइये इन्हें संकलित करें…
कविता कोश में अब लोकगीतो को भी संकलित करने का कार्य शुरु किया गया है। लोकगीत हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं -इन्हे लुप्त होने से बचाने के लिये इनका संकलन और प्रसार ज़रूरी है। कविता कोश इस कार्य में अगर कुछ हद तक भी सफल होगा तो इसे इस प्रयास की सफलता माना जा सकेगा।
आज हिन्दी में लिखने वाले बहुत से चिठ्ठाकार सक्रिय हैं और आप भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों से हैं। आप सभी से अनुरोध है कि अपने-अपने राज्य/भाषाओं/बोलियों के लोकगीतो को कविता कोश में संकलित करने में मदद करें। यदि आप अपने चिठ्ठो पर पहले भी लोकगीत प्रकाशित कर चुके हैं तो कृपया उन पोस्ट्स के लिंक kavitakosh@gmail.com पर भेज दें और अपने चिठ्ठे से लोकगीतो को कॉपी कर कोश में एक स्थान पर संकलित करने की अनुमति दें। यदि आप कुछ लोकगीत जानते हैं लेकिन अभी तक उन्हें टाइप नहीं किया है तो कृपया उन्हें टाइप कर या तो कोश में जोड़ दें अथवा ऊपर दिये गये पते पर ईमेल कर दें।
आपके सहयोग से जल्द ही कविता कोश अंतरजाल पर हिन्दी काव्य की तरह लोकगीतो का भी एक विशाल स्रोत बन सकेगा।
सहयोग की अपेक्षा में
आपका ही
ललित कुमार
November 11, 2007 at 2:40 pm
आपने फिर से एक महान कार्य हाथ में लिया है। बधाई एवं सफलता के लिये शुभकामनाएँ!
मैं भी यथायोग्य इसमें हाथ बटाउँगा।
इसी के साथ ही उन गीतों को भी अन्तरजाल पर लाया जाय जिन्हें अंग्रेज सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था या जब्त कर दिया था।
November 11, 2007 at 3:10 pm
मेरे पास लोकगीतों के करीब दस अलग संग्रह हैं….मैं समय समय पर कुछ सहयोग करती रहूँगी….
November 11, 2007 at 8:36 pm
बहुत ही प्रशंसनीय कार्य. में आपको जल्द ही कुछ बुंदेली लोकगीत उपलब्ध कराने का प्रयास करूंगा.
November 12, 2007 at 6:07 am
बेहद ज़रूरी काम . सहयोग रहेगा .