एक और मंज़िल तक आ पँहुचा है कविता कोश…
कल कविता कोश ने पाँच हज़ार पन्नो का आँकडा प्राप्त कर लिया। इन पाँच हज़ार पन्नों में अब चार हज़ार से अधिक काव्य रचनाएँ संकलित की जा चुकी हैं और नित नये रचनाकार और पाठक कोश में रूचि ले रहे हैं। यह बहुत हर्ष का विषय है।
यह समय आनंदित होने के अतिरिक्त उन योगदानकर्ताओ को धन्यवाद देने का भी है जिनके कारण आज कविता कोश इस मंज़िल तक आ पहुँचा है। नये योगदानकर्ताओं में प्रतिष्ठा शर्मा का नाम सर्वोपरी है। प्रतिष्ठा कविता कोश के विकास के प्रति कटिबद्ध हैं और इसके विकास के हर पहलू में रुचि लेती हैं। पाँच हज़ार पन्नों तक का सफ़र इतना शीघ्र पूरा करने के पीछे प्रतिष्ठा द्वारा किया गया योगदान सबसे महत्वपूर्ण कारण है।
अन्य योगदानकर्ताओ का योगदान चाहे संख्या में प्रतिष्ठा से कम रहा हो -पर उसे कविता कोश में कम नहीं आँका जाता। डा. रमा द्विवेदी, डा़. भावना कुँअर, श्री शिशिर मित्तल और श्री संजीव द्विवेदी का योगदान हाल के दिनों उत्तम रहा है।
इसके अलावा कविता कोश टीम के सदस्यों डा. जगदीश व्योम, अनिल जनविजय जी, जयप्रकाश मानस जी और पूर्णिमा वर्मन जी के अथक परीश्रम बिना कविता कोश जैसे स्रोत का विकास मुश्किल होता। यह टीम कोश का नियत्रंण करते हुए इसे विकास की राह पर बनाये रखती है।
जैसा कि आप जानते हैं, कविता कोश में कोई भी योगदान कर सकता है। कोश के सभी योगदानकर्ता एंव टीम के सदस्य (ठीक हिन्दी विकिपीडिया की तरह) स्वेच्छा से और बिना किसी स्वार्थ के इस कोश का विकास करते हैं। यदि आप कविता कोश के विकास में भाग लेंगे तो यह कोश और भी तेज़ी से समृद्ध हो सकेगा।
एक और मंज़िल पा ली गयी है… लेकिन सितारों से आगे जहाँ और भी हैं…
October 21, 2007 at 11:18 am
bahut bahut badhaai kavita kosh ko
October 21, 2007 at 2:49 pm
बहुत बधाई और सुनहरे भविष्य के लिये अनेकों शुभकामनायें.
October 21, 2007 at 3:46 pm
डा. रमा द्विवेदी says:
इस शुभ अवसर पर कविता कोश के सभी सदस्यों को बधाई और कविता कोश के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनेकों शुभकामनाएं….
आज विजय दशमी है, कविता कोश के सभी सदस्यों को ढेरों शुभकामनाएं…..
October 22, 2007 at 6:14 am
पाँच हजार पन्नों की मंजिल पार करने के लिये कविता कोश को बधाई। निश्चित ही सभी योगकर्ता और कविता कोस के कर्ता-धर्ता साधुवाद के अधिकारी हैं।
January 19, 2008 at 4:21 pm
Good & Good &Good