महादेवी वर्मा की “दीपशिखा”
यह वर्ष महादेवी वर्मा जी का जन्मशती वर्ष है। इसी उपलक्ष्य में कविता कोश में प्रयत्न किया जाएगा कि महादेवी जी के काव्य को कोश में संकलित करने का विशेष प्रयास किया जाये। इसी प्रयास की पहली कड़ी के रूप में अब आप महादेवी जी के प्रसिद्ध काव्य संग्रह ”दीपशिखा” को कविता कोश में पढ़ सकते हैं। इसके अलावा उनके एक और कविता संग्रह “प्रथम आयाम” से भी कुछ रचनाएँ कोश में जोड़ी गयी हैं। इन रचनाओं को कविता कोश के लिये टाइप करने का महत्वपूर्ण कार्य श्री शिशिर मित्तल द्वारा किया गया है। मैनें केवल इन्हें कोश में तरतीब से जोडा़ है।
आशा है कि आप सब इन रचनाओं का आनंद लेंगे और शिशिर जी जैसे हिन्दी सेवियों का उत्साह बढा़एँगे। कविता कोश में सभी का योगदान सराहनीत और वंदनीय है।
शुभाकांक्षी
आपका मित्र
ललित
June 2, 2007 at 7:53 am
धन्यवाद ललित जी इस सूचना के लिये. आशा है सभी लोग यथायोग्य योगदान कर सकेंगे.
एक बात स्पष्ट करना प्रासंगिक होगा (परन्तु महत्वपूर्ण नहीं!). महादेवी जी को ज्ञानपीठ पुरस्कार उनकी कृति यामा पर मिला था, दीपशिखा पर नहीं. हालांकि यामा की अधिकांश रचनायें आपको महादेवी जी के अन्य काव्य संग्रहों, जैसे दीपशिखा में भी मिल जायेंगी.
June 2, 2007 at 8:19 am
गलत सूचना देने के लिये क्षमा चाहता हूँ अमित जी। इस भूल की ओर ध्यान दिलाने के लिये शुक्रिया, मैनें इसे सुधार दिया है। आपकी टिप्पणी न केवल प्रासंगिक थी बल्कि बहुत महत्वपूर्ण भी थी। यह सही है कि महादेवी वर्मा जी को ज्ञानपीठ पुरस्कार वर्ष १९८२ में उनकी कृति “यामा” के लिये मिला था।