कविता कोश ग्रंथ सम्मान चक्र…

आप सभी को हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि कविता कोश ने सर्वश्री अनूप शुक्ल, जीतेन्द्र चौधरी और रवि रतलामी को तुलसीदास कृत रामचरितमानस को हिंदी यूनिकोड में टंकित करने के लिये ग्रंथ सम्मान चक्र से सम्मानित किया है। आप सभी इनके इस सराहनीय प्रयास से इनके ब्लॉग के ज़रिये परिचित हैं। कविता कोश में इनके द्वारा प्रदान की गई रामचरितमानस की टंकित सामग्री को समाहित कर लिया गया है ताकि सभी लोग मिल कर इस टंकित सामग्री को और भी अधिक शुद्ध रूप दे सकें। अनूप शुक्ल, जीतेन्द्र चौधरी और रवि रतलामी के इस प्रयास को सराहने के लिये और अन्य लोगो को अंतरजाल पर हिन्दी काव्य के विकास के लिये प्रोत्साहित करने के लिये अनूप शुक्ल, जीतेन्द्र चौधरी और रवि रतलामी को संयुक्त रूप से ग्रंथ सम्मान चक्र प्रदान किया गया है।

10 Responses to “कविता कोश ग्रंथ सम्मान चक्र…”

  1. शास्त्री जे सी फिलिप Says:

    इस सम्मान के वे पात्र हैं. हिन्दी के लिये उनका योगदान महान है. बधाईयां

    – शास्त्री जे सी फिलिप

  2. प्रियंकर Says:

    अनूप शुक्ल, जीतेन्द्र चौधरी और रवि रतलामी को बहुत-बहुत बधाई !

  3. समीर लाल Says:

    अनूप जी, जीतू भाई और रवि रतलामी भाई को बहुत-बहुत बधाई.

  4. अनूप शुक्ल Says:

    अरे मालिक इसमें सारा कुछ तो जीतू और रवि रतलामी ने किया। जीतेंन्द्र ने एक अध्याय टाइप कर/कराके पोस्ट किया। इसके बाद रवि रतलामीजी ने न जाने कहां से पूरी रामचरित मानस दे दी। जिसे जीतेंन्द्र ने पोस्ट कर दिया। इसमें सच में हमारा कोई योगदान नहीं हैं- सिवाय एकाध मेल इधर-उधर करने के।

  5. रवि Says:

    आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद.
    मैंने भी टंकण का कार्य नहीं किया है. दरअसल यह पूरी की पूरी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आईट्रांस फ़ाइल थी, जिसे मैंने यूनिकोडित रूप में स्वचालित औजारों की सहायता से परिवर्तित किया है. जहाँ तक मुझे ध्यान है - इसके परिवर्तित करने, जाँचने परखने और परिवर्तित पाठ की छांट छंटाई में एकाध सप्ताह का ही समय लगा था.

  6. जीतू Says:

    भाई, सबसे ज्यादा मेहनत रवि भाई ने की थी, फिर अनूप भाई, उसके बाद बचा खुचा काम हमने किया था।

    एक अच्छा काम, जब करने बैठे तो कब हो गया, पता ही नही चला। इसे कहते है, हिम्मते मर्दां, मददे खुदा।

  7. arun Says:

    साहेब इतनी मेहनत के बाद इक काम रह गया है लोगो से गुजारिश है कि वक्त निकाल कर पढे और गलतियो से उपरोक्त साहेबान को आगाह कराये ताकी ये उसे और अधिक शुद्ध रुप दे सके और ये काम भी सरल नही होगा
    बहुत बहुत बधाइ
    सागर पर बाध बनाने मे गिलहरी का योगदान भी पुरुस्कृत था,और ये तो नल नील वाला कार्य था

  8. अनुनाद Says:

    रामचरित मानस को नेट पर लाने का काम हिन्दी सामग्री को नेट पर लाने के आरम्भिक प्रयासों में से है। इसको मूर्त रूप देने वालों को पुरस्कृत करना परोक्ष रूप से हिन्दी सामग्री को नेट पर संस्थापित करने के कार्य को प्रोत्साहित करने जैसा है।

    रवि, जितेन्द्र और अनूप भाई को बधाई; कविता कोश को इस नेक काम के लिये साधुवाद!

  9. लावण्या Says:

    रवि भाई , जितेन्द्र जी और अनूप भाई को बधाई;
    कविता कोश को ये अच्छा काम करने के लिये बहुत बहुत बधाइ !

  10. ramadwivedi Says:

    डा. रमा द्विवेदी says:

    अनूप जी, जीतू जी और रवि जी,

    आप सबको इस सम्मान के लिए अनेकानेक बधाईयां और शुभकामनाएं। आपने बहुत ही बड़ा काम किया है इसलिए आप सब इसके हकदार हैं।

    डा. रमा द्विवेदी

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