January 16, 2008 by kavitakosh
अब आप कविता कोश का RSS feed ले सकते हैं -यानि subscribe कर सकते हैं। इसके लिये लिंक नीचे दिया जा रहा है:
http://hi.literature.wikia.com/index.php?title=Special:Newpages&feed=atom
इस RSS feed के ज़रिये आप कविता कोश में जुड़ने वाले सभी नये पन्नों की जानकारी तुरंत पा सकेंगे और अपने मनपसंद रचनाकारों की रचनाएँ आसानी से पढ़ सकेंगे।
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January 6, 2008 by kavitakosh
कविता कोश में हुए नये परिवर्धनों में से कुछ की जानकारी ले कर हम फिर हाज़िर हैं। पिछली पोस्ट से लेकर अब तक कोश में एक हज़ार के लगभग और रचनाएँ जुड़ चुकी हैं। आप महादेवी वर्मा के अत्यंत लोकप्रिय काव्य संकलन नीरजा से कुछ रचनाएँ भी अब कोश में पढ़ सकते हैं। कई नये नाम भी कोश में जोड़े गये हैं -जिसमें रांगेय राघव के अतिरिक्त नीचे दिये गये नाम भी शामिल हैं:
अब्दुल बिस्मिल्लाह,
अरविन्द चतुर्वेद,
संजय कुंदन,
विजयदेव नारायण साही,
विजय कुमार,
वीरा,
निलय उपाध्याय,
गगन गिल,
आशुतोष दुबे,
नरेश सक्सेना,
नरेश चंद्रकर,
तेजी ग्रोवर,
सुदीप बनर्जी,
प्रताप राव कदम,
प्रणव कुमार वंद्योपाध्याय, और
ज्ञान प्रकाश विवेक
इसके अलावा कोश में एक नया अनुभाग “
धार्मिक लोक रचनाएँ” भी बनाने की कोशिश की जा रही है। इस अनुभाग में ऐसी धार्मिक रचनाएँ जोड़ी जाएँगी जो लोकजीवन का अंग बन चुकी हैं (जैसे कि भजन, प्रार्थनाएँ और आरतियाँ इत्यादि)। यह अनुभाग अभी बन ही रहा है और इसके रूप और प्रारूप में बदलाव होने की संभावना है।
आशा है कि
कविता कोश आपके लिये उपयोगी सिद्ध होता रहेगा।
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November 17, 2007 by kavitakosh
महादेवी वर्मा जी के जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में कविता कोश में उनके काव्य को संकलित करने की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में अब आप महादेवी जी के 1935 में प्रकाशित काव्य संग्रह सांध्यगीत को कविता कोश में पढ़ सकते हैं।
इस संग्रह को कविता कोश में जोड़ने का यह सराहनीय कार्य श्री टीकम रूपचंदानी और श्री शिशिर मित्तल ने किया है। आप दोनो को कविता कोश और हिन्दी काव्य के चाहने वाले समस्त लोगो की ओर से हार्दिक धन्यवाद। यह अद्भुत काव्य संग्रह अब पूरे विश्व में अंतरजाल के ज़रिये सुलभ है।
आपका ही
ललित कुमार
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November 11, 2007 by kavitakosh
कविता कोश में अब लोकगीतो को भी संकलित करने का कार्य शुरु किया गया है। लोकगीत हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं -इन्हे लुप्त होने से बचाने के लिये इनका संकलन और प्रसार ज़रूरी है। कविता कोश इस कार्य में अगर कुछ हद तक भी सफल होगा तो इसे इस प्रयास की सफलता माना जा सकेगा।
आज हिन्दी में लिखने वाले बहुत से चिठ्ठाकार सक्रिय हैं और आप भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों से हैं। आप सभी से अनुरोध है कि अपने-अपने राज्य/भाषाओं/बोलियों के लोकगीतो को कविता कोश में संकलित करने में मदद करें। यदि आप अपने चिठ्ठो पर पहले भी लोकगीत प्रकाशित कर चुके हैं तो कृपया उन पोस्ट्स के लिंक kavitakosh@gmail.com पर भेज दें और अपने चिठ्ठे से लोकगीतो को कॉपी कर कोश में एक स्थान पर संकलित करने की अनुमति दें। यदि आप कुछ लोकगीत जानते हैं लेकिन अभी तक उन्हें टाइप नहीं किया है तो कृपया उन्हें टाइप कर या तो कोश में जोड़ दें अथवा ऊपर दिये गये पते पर ईमेल कर दें।
आपके सहयोग से जल्द ही कविता कोश अंतरजाल पर हिन्दी काव्य की तरह लोकगीतो का भी एक विशाल स्रोत बन सकेगा।
सहयोग की अपेक्षा में
आपका ही
ललित कुमार
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October 21, 2007 by kavitakosh
कल कविता कोश ने पाँच हज़ार पन्नो का आँकडा प्राप्त कर लिया। इन पाँच हज़ार पन्नों में अब चार हज़ार से अधिक काव्य रचनाएँ संकलित की जा चुकी हैं और नित नये रचनाकार और पाठक कोश में रूचि ले रहे हैं। यह बहुत हर्ष का विषय है।
यह समय आनंदित होने के अतिरिक्त उन योगदानकर्ताओ को धन्यवाद देने का भी है जिनके कारण आज कविता कोश इस मंज़िल तक आ पहुँचा है। नये योगदानकर्ताओं में प्रतिष्ठा शर्मा का नाम सर्वोपरी है। प्रतिष्ठा कविता कोश के विकास के प्रति कटिबद्ध हैं और इसके विकास के हर पहलू में रुचि लेती हैं। पाँच हज़ार पन्नों तक का सफ़र इतना शीघ्र पूरा करने के पीछे प्रतिष्ठा द्वारा किया गया योगदान सबसे महत्वपूर्ण कारण है।
अन्य योगदानकर्ताओ का योगदान चाहे संख्या में प्रतिष्ठा से कम रहा हो -पर उसे कविता कोश में कम नहीं आँका जाता। डा. रमा द्विवेदी, डा़. भावना कुँअर, श्री शिशिर मित्तल और श्री संजीव द्विवेदी का योगदान हाल के दिनों उत्तम रहा है।
इसके अलावा कविता कोश टीम के सदस्यों डा. जगदीश व्योम, अनिल जनविजय जी, जयप्रकाश मानस जी और पूर्णिमा वर्मन जी के अथक परीश्रम बिना कविता कोश जैसे स्रोत का विकास मुश्किल होता। यह टीम कोश का नियत्रंण करते हुए इसे विकास की राह पर बनाये रखती है।
जैसा कि आप जानते हैं, कविता कोश में कोई भी योगदान कर सकता है। कोश के सभी योगदानकर्ता एंव टीम के सदस्य (ठीक हिन्दी विकिपीडिया की तरह) स्वेच्छा से और बिना किसी स्वार्थ के इस कोश का विकास करते हैं। यदि आप कविता कोश के विकास में भाग लेंगे तो यह कोश और भी तेज़ी से समृद्ध हो सकेगा।
एक और मंज़िल पा ली गयी है… लेकिन सितारों से आगे जहाँ और भी हैं…
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July 4, 2007 by kavitakosh
आपको यह सूचित करते हुए आनंद की अनुभूति हो रही है कि कविता कोश ने अपनी स्थापना का एक वर्ष पूरा कर लिया है। अंतरजाल पर हिन्दी काव्य के इस खुले कोश की स्थापना 05 जुलाई 2006 को हुई थी। कविता कोश को आप सभी का जो स्नेह और सहयोग मिला है -आशा है कि वह आने वाले समय में ना केवल जारी रहेगा बल्कि बढ़ेगा भी। इस एक वर्ष की उपलब्धियों के बारे में संक्षेप में आप यहाँ पढ़ सकते हैं। यदि आप कविता कोश के लिये शुभकामना अथवा अन्य कोई संदेश देना चाहते हैं तो उसके लिये भी इस पन्ने पर व्यवस्था की गयी है।
इस अवसर पर श्री हेमेन्द्र कुमार राय को कविता कोश के विकास में सराहनीय योगदान करने के लिये “निरंतर सम्मान चक्र” से सम्मानित किया गया है। आने वाले एक सप्ताह में प्रयत्न किया जाएगा कि इस अवसर को यादगार बनाने के लिये कोश में कुछ विशेष रचनाएँ संकलित की जाएँ।
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June 1, 2007 by kavitakosh
यह वर्ष महादेवी वर्मा जी का जन्मशती वर्ष है। इसी उपलक्ष्य में कविता कोश में प्रयत्न किया जाएगा कि महादेवी जी के काव्य को कोश में संकलित करने का विशेष प्रयास किया जाये। इसी प्रयास की पहली कड़ी के रूप में अब आप महादेवी जी के प्रसिद्ध काव्य संग्रह ”दीपशिखा” को कविता कोश में पढ़ सकते हैं। इसके अलावा उनके एक और कविता संग्रह “प्रथम आयाम” से भी कुछ रचनाएँ कोश में जोड़ी गयी हैं। इन रचनाओं को कविता कोश के लिये टाइप करने का महत्वपूर्ण कार्य श्री शिशिर मित्तल द्वारा किया गया है। मैनें केवल इन्हें कोश में तरतीब से जोडा़ है।
आशा है कि आप सब इन रचनाओं का आनंद लेंगे और शिशिर जी जैसे हिन्दी सेवियों का उत्साह बढा़एँगे। कविता कोश में सभी का योगदान सराहनीत और वंदनीय है।
शुभाकांक्षी
आपका मित्र
ललित
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May 29, 2007 by kavitakosh
आप सभी को हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि कविता कोश ने सर्वश्री अनूप शुक्ल, जीतेन्द्र चौधरी और रवि रतलामी को तुलसीदास कृत रामचरितमानस को हिंदी यूनिकोड में टंकित करने के लिये ग्रंथ सम्मान चक्र से सम्मानित किया है। आप सभी इनके इस सराहनीय प्रयास से इनके ब्लॉग के ज़रिये परिचित हैं। कविता कोश में इनके द्वारा प्रदान की गई रामचरितमानस की टंकित सामग्री को समाहित कर लिया गया है ताकि सभी लोग मिल कर इस टंकित सामग्री को और भी अधिक शुद्ध रूप दे सकें। अनूप शुक्ल, जीतेन्द्र चौधरी और रवि रतलामी के इस प्रयास को सराहने के लिये और अन्य लोगो को अंतरजाल पर हिन्दी काव्य के विकास के लिये प्रोत्साहित करने के लिये अनूप शुक्ल, जीतेन्द्र चौधरी और रवि रतलामी को संयुक्त रूप से ग्रंथ सम्मान चक्र प्रदान किया गया है।
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May 28, 2007 by kavitakosh
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May 7, 2007 by kavitakosh
आप में से अधिकतर चिठ्ठाकार अपने-अपने चिठ्ठों पर कभी न कभी कविताएँ, गज़लें, नज़्में इत्यादि अवश्य पोस्ट करते होंगे। इन रचनाओं को टाइप करने में आप जो श्रम करते हैं वह सराहनीय है। यदि आप इन रचनाओं को अपने चिठ्ठे पर पोस्ट करने के साथ-साथ कविता कोश में भी जोड़ दें तो किसी और को वही रचना फिर से टाइप नहीं करनी पडे़गी। ऐसा देखा गया है कि एक रचना जो पहले से ही कहीं किसी चिठ्ठे/वैबसाइट पर उपलब्ध है -उसे भी लोग खोज नहीं पाते और उसे पढने से वंचित रह जाते हैं। कुछ लोग ऐसी रचनाओं को दोबारा भी टाइप करते हैं -जिससे समय और ऊर्जा का सही उपयोग नहीं हो पाता। अंतरजाल पर हिन्दी में लिख सकने वाले लोग अभी भी बहुत कम हैं। इसलिये लिखते समय यदि हम अपने समय और ऊर्जा का दक्षता से प्रयोग करेंगे तो यह अतंरजाल पर हिन्दी के विकास में बहुत सहायक सिद्ध होगा।
यदि आप कविता कोश में रचना जोड़ने में असुविधा अनुभव करते हैं तो आप रचना को kavitakosh@gmail.com पर भेज सकते हैं। ऐसा करने से हम सभी मिल कर कविता कोश को हिन्दी काव्य का एक केन्द्रीय स्रोत बना सकेंगे। आपके सहयोग की आशा है।
पिछले दो दिनों में कविता कोश में हसरत जयपुरी और जावेद अख़्तर की नयी रचनाएँ जोड़ी गयी हैं। इन्हें पढिये और इन खूबसूरत गज़लों और नज़्मों का आनंद उठाईये।
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