कविता कोश की स्थापना को लगभग साढ़े तीन वर्ष हुए हैं। इतने कम समय में कोश हिन्दी सहित्य जगत में एक स्थापित तथा लोकप्रिय नाम बन चुका है। आज मुझे यह सूचित करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अब कोश में उपलब्ध पन्नों की संख्या 25,000 के ऊपर पँहुच गयी है। अभी कुछ ही देर पहले कोश ने यह मील का पत्थर पार किया। हर 5,000 रचनाओं के जुड़ने को कविता कोश में एक मील का पत्थर माना जाता रहा है। साढ़े तीन वर्ष के कम समय में 25,000 पन्नों का संकलन अपने आप में एक उपलब्धि है। अब कविता कोश के विषय में अधिक कुछ बताने की आवश्यकता नहीं रह गयी है। यह हिन्दी काव्य का इंटरनेट पर उपलब्ध सबसे बड़ा कोश बन चुका है और इंटरनेट को प्रयोग करने वाले तकरीबन सभी हिन्दी काव्य प्रेमी इसके बारे में जानते हैं और इसका प्रयोग करते हैं।इस पाँचवे मील (20,000 से 25,000 तक) को पार करने में जिन योगदानकर्ताओं का सहयोग कविता कोश को मिला उनमें धर्मेन्द्र कुमार सिंह (Dkspoet), प्रकाश बादल और श्रद्धा जैन के नाम प्रमुख हैं। इनकें अलावा राजीव रंजन प्रसाद, अजय यादव और चंद्र मौलेश्वर जी ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। मैं इस अवसर उन सभी योगदानकर्ताओं को कविता कोश के सभी पाठकों की ओर से धन्यवाद देना चाहूँगी जिनके सहयोग से कोश यहाँ तक आ सका है। ऐसे योगदानकर्ताओं की सूची लम्बी है इसलिये मैं यहाँ सभी का नाम नहीं लूंगी। कविता कोश के विभिन्न पन्नों पर इन योगदानकर्ताओं के सहयोग की छाप आप प्रतिदिन ही देख पाते होंगे। जो लोग अभी तक इस परियोजना के विकास में सहयोग नहीं दे सकें हैं उनसे अनुरोध है कि आप भी इसमें योगदान करें। सामूहिक प्रयत्न के कारण ही हम सभी को कविता कोश जैसा संकलन आज सुलभ हुआ है।
ऐसे किसी भी अवसर पर कविता कोश के संस्थापक तथा कविता कोश टीम को नहीं भूला जा सकता। इस समय मैं कोश के संस्थापक श्री ललित कुमार जी और टीम के सभी वर्तमान और पूर्व सदस्यों को हार्दिक धन्यवाद देती हूँ। आपके मार्गदर्शन, श्रम और सहयोग के बिना कविता कोश इतना विकसित नहीं हो सकता था।
कविता कोश को और आगे बढ़ने के लिये निरन्तर नये योगदानकर्ताओं की आवश्यकता रहती है। आप सबसे अनुरोध है कि इस कार्य में आप भी हाथ बंटाये।
प्रतिष्ठा शर्मा
प्रशासक, कविता कोश टीम












